मिले ख़ुलूस कहाँ ताजिरों की बस्ती में,
वफ़ा तरसती है शहरों में दोस्ती के लिए।
[(ख़ुलूस = सरलता और निष्कपटता), (ताजिर = व्यापारी, सौदागर)]
-क़ैसर उल ज़ाफ़री
वफ़ा तरसती है शहरों में दोस्ती के लिए।
[(ख़ुलूस = सरलता और निष्कपटता), (ताजिर = व्यापारी, सौदागर)]
-क़ैसर उल ज़ाफ़री
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