Friday, February 22, 2013

एक दिन रौशनी करेंगे हम,
हमने सूरज निकलते देखा है।
आप नाहक गुरूर करते हैं,
अच्छे-अच्छों को ढलते देखा है।
-नित्यानंद 'तुषार'

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