mir-o-ghalib
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Spiritual Science
Sunday, February 17, 2013
मैं हर तरह से मूरिदे-इल्ज़ाम हो गया
तक़सीर की किसी ने, मेरा नाम हो गया
-दाग़
[(मूरिदे-इल्ज़ाम = दोषी), (तक़सीर = कुसूर)]
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