जिसको सुकून कह्ते हैं अक्सर नहीं मिला
नींदें नहीं मिली कभी बिस्तर नहीं मिला
दहलीज़ अपनी छोड़ दी जिसने भी एक बार
दीवारों-दर ही उसको मिले घर नहीं मिला
सारी चमक हमारे पसीने की है जनाब
विरसे में हमको कोई भी ज़ेवर नहीं मिला
-हस्तीमल 'हस्ती'
नींदें नहीं मिली कभी बिस्तर नहीं मिला
दहलीज़ अपनी छोड़ दी जिसने भी एक बार
दीवारों-दर ही उसको मिले घर नहीं मिला
सारी चमक हमारे पसीने की है जनाब
विरसे में हमको कोई भी ज़ेवर नहीं मिला
-हस्तीमल 'हस्ती'
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