बच कर निकल रहे हो रुसवाइयों के डर से ,
साए में चल रहे हो परछाइयों के डर से|
आसाँ नहीं थी राहें यह पहले सोचना था,
रस्ता बदल रहे हो ,कठिनाइयों के डर से |
-आर० सी० शर्मा "आरसी"
साए में चल रहे हो परछाइयों के डर से|
आसाँ नहीं थी राहें यह पहले सोचना था,
रस्ता बदल रहे हो ,कठिनाइयों के डर से |
-आर० सी० शर्मा "आरसी"
No comments:
Post a Comment