Saturday, February 9, 2013

मैंने हर ग़म को ख़ुशी में ढाला है, मेरा हर इक रंग निराला है।
लोग जिन हादिसों में मरते हैं, मुझको उन हादिसों ने पाला है।
-नरेश कुमार शाद

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