mir-o-ghalib
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Spiritual Science
Wednesday, February 13, 2013
ये ज़िन्दगी का सफ़र भी अजीब ही निकला,
सफ़र में सब हैं, मुसाफ़िर कोई नहीं लगता ।
-वसीम बरेलवी
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