mir-o-ghalib
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Spiritual Science
Wednesday, February 13, 2013
घर से निकले थे कि दुनिया ने पुकारा था 'फ़राज़',
अब जो फुर्सत मिले दुनिया से तो घर जाएँ कहीं ।
-अहमद फ़राज़
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