Friday, February 8, 2013

भला ग़मों से कहां हार जाने वाले थे,
हम आंसुओं की तरह मुस्कुराने वाले थे।

हमीं ने कर दिया ऐलान-ए-गुमराही वर्ना,
हमारे पीछे बहुत लोग आने वाले थे।

(ऐलान-ए-गुमराही = पथ-भ्रष्ट होने की घोषणा)

हमारा अलमिया यह था कि हमसफ़र भी हमें,
वही मिले, जो बहुत याद आने वाले थे।

(अलमिया = विडम्बना)

'वसीम' कैसी तअल्लुक की राह थी, जिसमे
वही मिले, जो बहुत दिल दुखाने वाले थे।

(तअल्लुक = सम्बंध)

-वसीम बरेलवी

 

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