उगते सूरज को करते रहे तुम नमन
साँझ ढ़लने की हमने कहानी लिखी ।
तुम प्रणय गीत रचते रहे उम्र भर,
दर्द के नाम हमने जवानी लिखी ।
-आर० सी० शर्मा "आरसी"
साँझ ढ़लने की हमने कहानी लिखी ।
तुम प्रणय गीत रचते रहे उम्र भर,
दर्द के नाम हमने जवानी लिखी ।
-आर० सी० शर्मा "आरसी"
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