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Spiritual Science
Sunday, March 3, 2019
नावक-ए-नाज़ से मुश्किल है बचाना दिल का
दर्द उठ उठ के बताता है ठिकाना दिल का
-अमीर मीनाई
(नावक-ए-नाज़ = प्यार के बाण)
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