Thursday, March 7, 2013

सोने की कैंची लाओ तो मुंसिफ़ के लब खुलें,
क़ातिल ने होंठ सी दिए चाँदी के तार से ।
-शाहज़ाद असद

(मुंसिफ़ = न्यायकर्ता, इंसाफ करने वाला)

No comments:

Post a Comment