Saturday, April 9, 2016

न शोहरत मिली हमें

न शोहरत मिली हमें
न दौलत मिली हमें

पर इतना तो हुआ
के इज़्ज़त मिली हमें

सच मुंह पे कह देते हैं
बुरी आदत मिली हमें

पुरखों की दुआएं थी
एक छत मिली हमें

हुनर तो न था कोई
बस कुव्वत मिली हमें

(कुव्वत = शक्ति)

उम्मीद प्यार की थी जहाँ
वहीँ नफरत मिली हमें

हश्र बदी का जब देखा
कुछ हिम्मत मिली हमें

खाली थे कब ग़म से
कब फुर्सत मिली हमें

झोली भरी हैं दुआओं से
ये बरकत मिली हमें

दफ्न हैं तेरे पहलू में
क्या सुहबत मिली हमें

- विकास जोशी

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