Wednesday, July 6, 2016

सारी अक़्ल-ओ-होश की आसाइशें
तुम ने सांचे में जुनूँ के ढाल दीं
कर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दीं
-जॉन एलिया

(आसाइशें = सुख, चैन, आराम, सुविधा, समृद्धि), (अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़ = इश्क़ के त्याग का वचन, इश्क़ न करने का वादा)


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